उज्जैन। धर्म नगरी में धार्मिक सामग्री के साथ वन्यजीवों के अंग का कारोबार फलित होने की स्थिति में मिली सूचना पर वन विभाग ने धार्मिक सामग्री बेचने वाले दुकानदार यश पिता जगदीश शर्मा 35 वर्ष निवासी हरसिद्घि की पाल को उसकी दुकान से रंगे हाथों मानिटर लिजार्ड के अंग हत्ता जोडी बेचते पकडा है। आरोपी को हिरासत में लेकर उसके विरूद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 39,49,50,51में प्रकरण दर्ज किया गया है। वन विभाग उज्जैन के एसडीओ विक्रमसिंह सोलंकी के अनुसार दिल्ली के वाईल्ड लाईफ एनजीओं की सूचना पर बुधवार दोपहर विभाग ने अपने मुखबिर को ग्राहक बनाकर आरोपी की हरसिद्घि के सामने स्थित शिवाय रूदाक्ष पात्र नामक धार्मिक सामग्री विक्रय की दुकान पर भेजा था। ग्राहक बने मुखबिर ने पहले अन्य चीजों के बारे में भावताव किए और जब मानिटर लिजार्ड के अंग हत्ता जोडी के बारे में जानकारी ली तो आरोपी ने उसे दिखाना शुरू किया। इस दौरान करीब 7 नग हत्ता जोडी दिखाई गई।इसी बीच श्री सोलंकी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने दुकान पर दबिश देकर हत्ता जोडी बरामद करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। बकौल एसडीओ आरोपी सोश्यल मिडिया के इंस्टाग्राम पर हत्ता जोडी के फोटो डालकर विक्रय के लिए प्रचार प्रसार भी कर रहा था जिसे दिल्ली के एनजीओं ने देखकर विभाग को सूचना दी थी। बरामद किए गए हत्ता जोडी को जबलपुर स्थित वन्यजीव अंग जांच की प्रयोगशाला में भेजकर जांच करवाई जाएगी। आरोपी को हिरासत में लेने के उपरांत उसे थाना माधवनगर की लाकअप में पूछताछ के लिए रखा गया है। आरोपी से यह जानकारी ली जा रही है कि वह इतनी मात्रा में हत्ता जोडी कहां से ला रहा है और उसके सप्लायर कौन हैं। आरोपी को मेडिकल उपरांत गिरफ्तारी के बाद गुरूवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पशु चिकित्सक डा.अरविंद मैथनिया के अनुसार मानिटर लिजार्ड के जननांग को हत्था जोडी कहा जाता है। यह मात्र नर में ही पाई जाती है और उसकी मृत्यू के उपरांत ही इसे निकाला जाता है। इसे निकालकर सुखाया जाता है और बाद में इसका उपयोग तंत्र क्रियाओं में किया जाता है।